जिलाधिकारी की संवेदनशीलता व तत्परता से निराश्रित बिटिया रेशमा को अटल आवासीय विद्यालय में मिलेगा एडमिशन

बिटिया को एडिमिशन दिलाने के लिए डीएम ने जिले से लेकर शासन स्तर तक के अधिकारियों से दूरभाष पर की वार्ता और प्रवेश का मार्ग किया प्रशस्त

शराबी पति के द्वारा घर से 4 बच्चों सहित निकाली गई महिला को दिलायी पुलिस सुरक्षा, एसडीएम व पुलिस अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण कराने के दिये निर्देश
जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराना है: जिलाधिकारी
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में ‘‘सरकार की मंशा-जनता की समस्याओं को त्वरित गति से निस्तारण’’ को पूरा करते हुए जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश नियमित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई कर प्रभावी रुप से समस्याओं का निस्तारण करा रहे हैं और साथ ही जरुरतमंदों को सरकारी योजनाओं का भी लाभ दिला रहे है। इसी के क्रम में उन्होंने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों को सुना और पूरी संवेदनशीलता के साथ सम्बंधित अधिकारियों से दूरभाष पर निर्देशित कर समस्याओं का निस्तारण कराया।
जनसुनवाई के दौरान धौर्रा निवासी फरियादी, कक्षा 8 की छात्रा कु0 रेशमा व उनके साथ उनकी वृद्ध बुआ ने बताया कि रेशमा के पिता की 7 वर्ष पहले मृत्य हो गई और 5 वर्ष से मॉ भी उसको छोड़कर कहीं चली गई। अब उस बिटिया को उसकी बुआ किसी तरह से देखभाल कर रही है। रेशमा अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन करना चाहती है, जिसकी आज 31 जनवरी अंतिम तारीख होना बताया गया। विद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन के लिए माता-पिता में से किसी एक का श्रम विभाग में पंजीयन होना आवश्यक होता है। परन्तु यहां रेशमा के माता-पिता न होने से समस्या खड़ी हो गई, तब जिलाधिकारी ने अपनी गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए अटल आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य व जिला प्रोबेशन अधिकारी से लेकर शासन स्तर तक कई अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर बिटिया के प्रवेश हेतु रास्ता निकालकर उसकी बुआ को ही जिला स्तर पर गठित बाल कल्याण समिति से अभिभावक घोषित कराया और सहायक श्रम आयुक्त को निर्देश दिये कि वह आज ही रेशमा का आवेदन ऑनलाइन कराकर उन्हें अवगत करायें। इस प्रकार से उस निराश्रित बिटिया की पढ़ाई-लिखाई, रहना-खाना आदि का मार्ग प्रशस्त किया गया।
इसी प्रकार से नाराहट निवासी फरियादी फूलाबाई ने अपने छोटे-छोटे 4 पुत्र, पुत्रियों के साथ अपनी फरियाद में बताया कि उनके पति शराब व गांजे आदि नशों के आदि हैं और जमीन बेचकर शराब पी रहे हैं, उनके मना करने पर उनके हाथों को जला दिया है और बच्चों सहित घर से निकाल दिया है। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सम्बंधित उप जिलाधिकारी व पुलिस को फोन कर फूलाबाई व उनके बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही उप जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि वह उसकी जमीन की विक्रय रुकवाना सुनिश्चित करें।
इसी प्रकार उन्होंने अन्य फरियादियों की समस्याओं का भी सम्बंधित अधिकारियों से वार्ता कर निस्तारण कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराकर जनता को राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसामान्य की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्यायिक घनश्याम भारतीय, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल व अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।













