पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ़ कॉलेज में ब्रह्म्मी लिपि पर दो दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस का हुआ शुभारम्भ


विकास के साथ-साथ अपनी विरासत का संरक्षण भी आवश्यक- डॉ. सौरभ यादव


ललितपुर। उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय पुरात्तव इकाई झाँसी बुन्देलखण्ड हेरिटेज सोसाइटी एवं इंटेक ललितपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ़ कॉलेज में ब्रह्म्मी लिपि पर दो दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस का शुभारम्भ कैलाश निरंजन (जिला पंचायत अध्यक्ष ललितपुर), क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी,संतोष कुमार शर्मा (संयोजक इण्टैक ललितपुर चैप्टर) एवं डॉ. सौरभ यादव (प्रबंध निदेशक पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज ललितपुर) ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया | द्वितीय दिवस में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैलाश निरंजन ने कहा कि धरोहरों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। हमें ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाना चाहिए।
इंटेक ललितपुर चैप्टर के संयोजक संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि पुरातात्विक स्थल हमें अपने अतीत और इतिहास से जोड़ते हैं। युवा पीढ़ी को इन स्थलों के महत्व के बारे में जागरूक करना आवश्यक है, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँच सके।क्षेत्रीय पुरात्तव अधिकारी डॉ राजीव त्रिवेदी ने कहा कि हमारी ऐतिहासिक धरोहरें हमारे गौरव और समृद्ध संस्कृति की पहचान हैं। पुरातत्व विभाग इन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमें इनके संरक्षण के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए। डॉ. सौरभ यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुंदेलखंड और ललितपुर की धरती ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी विरासत का संरक्षण भी आवश्यक है। “विरासत हमें अतीत से जोड़ती है, वर्तमान को समझने की दृष्टि देती है और भविष्य के लिए दिशा प्रदान करती है।” उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वीनस कुमारी,द्वितीय स्थान महिक साहू एवं तृतीय स्थान काजल राजपूत को प्राप्त हुआ।सभी प्रतियोगी छात्र/छात्राओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा ने सभी उपस्थित अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि महाविद्यालय परिवार विरासतों के संरक्षण और पर्यटन स्थलों के विकास हेतु समर्पित रूप से कार्य कर छात्रों को इनके प्रति जागरूक करता है और समय- समय पर ऐसे ही अनेक कार्यशालाओं का आयोजन कर उनके ज्ञान भण्डार में बढ़ोत्तरी करने का प्रयास करता आ रहा है।कार्यशाला का संचालन असि. प्रो.भजन लाल साहू ने किया |
इस अवसर पर फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनोद यादव, विधि महाविदयालय के प्राचार्य प्रकाश विश्वकर्मा, असि. प्रो. रामलाल रायकवार, असि. प्रो. रामलखन सिंह यादव, असि0प्रो0 गंगाराम विश्वकर्मा, असि. प्रो. प्रसन्न कुमार, असि. प्रो. हरिओम शरण सेन, असि. प्रो. नसीम खान, असि. प्रो. रमाकांत सिंह, असि. प्रो. सतीश कुमार सोनगिरकर, असि. प्रो. विशाल कनौजिया, असि. प्रो. अजबसिंह, असि. प्रो. भागचन्द्र कुशवाहा, असि. प्रो. शाहरुख़ खान, असि. प्रो. नरेन्द्र कुमार, असि. प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार गौतम, असि. प्रो. सतीश कुमार साहू, असि. प्रो. जयसिंह, असि. प्रो. करन, असि. प्रो. कल्पना बुन्देला, असि. प्रो. मनोरमा प्रजापति, असि. प्रो. वंदना सेन, असि. प्रो. वर्षा सिकौरिया, असि. प्रो. मानसी, असि. अश्विनी प्रजापति, असि. प्रो. रत्नेश श्रीवासअसि. प्रो. शाहरुख खान, असि. प्रो. वर्जिनिया इलियास, असि0प्रो0 साहिबा खान, शोभाराम अहिरवार, गोपाल यादव, जगत झा, बालकिशन, रोहित, अमन कुशवाहा, शिवम, संतोष एवं जयहिंद सहित महाविद्यालय के शिक्षक तथा विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं और पुरात्तव विभाग के अकरम खान , अभिषेक परिहार, रामचरण कुशवाहा, बलराम यादव , अंकित जैन सहित अन्य पुरात्तव प्रेमी उपस्थित रहे।



