ग्रामीण क्षेत्र से लेकर ब्लॉक तहसील और जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले कई मार्ग बंद

पुलों के ऊपर से वह रहा पानी

कई जगह जान हथेली पर रखकर तेजधार से निकाले गये वाहन
सिलगन रेलवे अंडर ब्रिज में पानी भरने से फंसी डबल डेकर बस, राज़घाट मार्ग घंटों रहा बाधित
शहर की कई इलाकों में भरा पानी, घरों में पानी घुसने से घर गृहस्ती का सामान भी खराब
ललितपुर। जनपद मैं पिछली कई दिनों से लगातार हो रही बारिश अब आफत की बारिश बन चुकी है। क्योंकि इस आफत की बारिश ने अब आम लोगों का जीना मुहाल तो कर ही दिया है, तो यह बारिश किसानों के लिए भी कहर बनकर टूटी है, क्योंकि किसानों के खेतों में पानी भरने से फसली खराब हो गई, तो भारी बारिश से जनपद की कई नदियां नाले उफान पर आने से कई निकले पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे यातायात बाधित हुआ है, तो कई स्थानों पर वाहन चालकों ने जान हथेली पर रखकर बहता पानी से अपने वाहन निकले। रात में हुई मूसलाधार बारिश से शहर के कई मोहल्लों के निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया, जिससे घर गृहस्ती का सामान खराब हुआ। लगातार हुई भारी बारिश से कई गांवों और कसबों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह आफत की बारिश सभी लोगों पर अब कहर बनकर टूट रही है। इस आफत की बारिश के कारण जिला प्रशासन ने जनपद के सभी कक्षा एक से लेकर 8 तक के स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी किये, हालांकि निर्देश जारी देर से किए गए, इसीलिए स्कूल खुले रहे तो कई स्कूल बंद हो गए।
जनपद में पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार हो रही आफत की बारिश ने अब लोगों का जीना मुहाल क़र दिया है, क्योंकि जहाँ एक ऒर इस आफत की बारिश से नदी नाले उफान पर हैं तो कई गांव और कमन के रास्ते जिला मुख्यालय से कट गए हैं क्योंकि नदियों में पानी आने से निचले पुलों पर पानी है, जहां से आमागमन बंद हो गया है। तो वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों के खेतों में पानी भरने से उन्हें भी बड़ा नुकसान हुआ है। लगातार हुई बारिश के कारण जनपद के लगभग सभी बंद भर चुके हैं और उनसे पानी की निकासी जारी है, जिसको लेकर निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। कल रात हुई मुसलाधार बारिश के चलते पाली घटवार मार्ग बंद हो गया, क्योंकि इलाके की घुंसी नदी में पानी की ज्यादा आवक होने से नदी का पुल बहाव में डुब गया और पुल के ऊपर लगभग 5 फुट से भी ज्यादा पानी बाहता हुआ दिखाई दिया, जिससे नदी के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतार देखी गई।इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले बालाबेहट से निकली सोंर नदी के पुल पर भी पानी मात्रा में पानी आने से पुल डूब गया है और छोटे और हल्के वाहन इस तेज बाहर से नहीं निकल पा रहे हालांकि भारी वाहन पल के ऊपर से बह रहे पानी में से निकलते हुए दिखाई दिए जिसमें से यात्री बस ट्रक आदि शामिल है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसके साथ ही विकासखंड जखौरा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय कस्बे का संपर्क जिला और तहसील मुख्यालय से कट चुका है क्योंकि लगातार हुई बारिश के कारण मध्य प्रदेश की तरफ से आने वाली खेडर नदी उफान पर है। बताया गया है कि इस नदी में पानी की आवक अत्यधिक होने पर जखौरा से ललितपुर की ओर आने वाला सिरसी गांव के पास स्थित निकला पुल पानी में डूब गया और पुल के ऊपर करीब 5 से 7 फीट तक पानी देखा गया इसके साथ ही जखौरा से बंसी की तरफ आने वाले पुल पर भी बड़ी मात्रा में पानी बहता हुआ दिखाई दिया और जखौरा से तालबेहट की ओर जाने वाली इसी नदी पर बने हुए निकले पुल के ऊपर से करीब 7 से 8 फीट तक पानी बहता हुआ दिखाई दिया जिस कारण जखौरा गांव का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से घंटे कटा रहा और आने जाने वाले लोग काफी परेशान रहे तो वहीं जखोरा में वाहनों की करें लगी देखी गई। पुलिस प्रशासन द्वारा सभी स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से यहां पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना ना घट सके।
बॉक्स : p9 ( टूटी पुलिया )
बारिश के पानी में वह गई मनपुरा की पुलिया :
बताया गया है कि लगातार हुई बारिश के कारण जखौरा क्षेत्र में स्थित पिपरा से मनपुरा के रास्ते जखौरा-तालबेहट रोड पर पहुंचने के लिए उपयोग में आने वाला रोड की पुलिया पानी के तेज बहाव के कारण बह गई और सड़क का संपर्क कट गया जिस कारण यह मार्ग पूर्णता बंद नजर आया। बताया गया है कि यह पुलिया टूटने से करीब आधा दर्जन से अधिक गांव के लोग आवागमन के लिए प्रभावित हुए हैं।
गोविंद सागर बांध के खुले गेट, सहजाद नदी में पानी की आवक बढ़ने कई मार्ग बंद :
लगातार हो रही बारिश के कारण गोविंद सागर बांध में पानी की काफी आवक हुई और यहां से हुई पानी की निकासी के कारण शहजाद नदी में पानी की आवक बढ़ गई जिस कारण कई स्थानों पर आवागमन अवरुद्ध रहा। बताया गया है कि शहजाद नदी में पानी की आवक बढ़ने से बाँसी बार मार्ग पर बने हुए निकले पुल केकरीब 5 फीट ऊपर से पानी बहने के कारण बाबा घमंड में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि कस्बा बांसी से देवरान और बार की तरफ जाने वाले मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध रहे।

शहर के कई मोहल्ले में निकासी न होने से घरों में घुसा पानी :
बुधवार की दिनभर और रात्रि में लगातार हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों की गलियां पानी से सभा शराब और नजर आई और पानी की निकासी न होने के कारण लोगों के घरों में पानी घुस गया जिस कारण घर गृहस्ती का सामान भी खराब हो गया। बताया गया है कि शहर के मोहल्ला आजादपुर प्रथम द्वितीय और तृतीया के साथ-साथ तुवन विहार कॉलोनी तालाबपुरा डोडाघाट के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों में नालियों का पानी घुस गया और उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा इस मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश देखा जा रहा है और आप है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा समय पर ना तो नालियों की सफाई कराई गई और ना ही निकलने वाले पानी के मार्ग को ठीक तरह से बनाया गया जिस कारण कई मोहल्लों में जल भर की स्थिति बनी रही और लोगों की घरों में पानी घुस गया। हालांकि जल भराव की स्थिति इसलिए बनी कि लोगों द्वारा नालियों पर अतिक्रमण कर लिया गया और चबूतरा बनाए जाने के कारण नालियों की सफाई नहीं हो सकी हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने कई बार लोगों से अपना अतिक्रमण हटाने की अपील की लेकर लोगों ने स्वत हाथी करना नहीं हटाया जब नगर पालिका प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर आती करना हटाकर नालियों की सफाई की गई तो वहां हालात अब ठीक नजर आ रहे हैं।

सिलगन लगन रेलवे अंडर ब्रिज में पानी भरने फंसे वाहन, लगा जाम :
इस बरसात का असर शहर से राजघाट की तरफ जाने वाली मार्ग पर सिलगन रेलवे अंडर ब्रिज पर भी देखा गया है। बताया गया है कि इस अंडर ब्रिज में पर्याप्त मात्रा में पानी की निकासी ना हो पाने के कारण यहां पर बड़ी मात्रा में पानी भर गया और यहां से निकल रही एक डबल डेकर बस घंटों फंसी रही, जिससे यातायात बाधित रहा। बताया गया है कि इस घुमावदार अंडर ब्रिज में बस फंसने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी करें देखी गई। स्थानीय लोगों की माने, तो इस अंडर ब्रिज में जब भी बरसात होती है, बड़े पैमाने पर पानी भर जाता है, लेकिन रेल प्रशासन द्वारा इस से पानी निकालने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराये जाते, जिस कारण कई दिनों तक यह पानी भरा रहता है और आने-जाने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रेल अधिकारियों द्वारा कई बार इस अंडर ब्रिज का निरीक्षण किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।



