क्लैक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन क़र फ़सल बीमा और आर्थिक सहायता दिलाने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री को संबोधित कर जिला अधिकारी को दिया ज्ञापन
जिलाधिकारी ने किसानों को टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने पर मामले में संचित कार्यवाही करने का दिया आश्वासन
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद ललितपुर में पिछले करीब 15 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खरीफ के सीजन में बोई जाने वाली लगभग सभी फसले पूरी हो चुकी है, और जो कुछ बची हुई है, वह नष्ट होने की कगार पर हैं। खरीफ की फसलें नष्ट होने से जनपद के लाखों किसानों पर आर्थिक संकट मडरा रहा है और किसान काफी चिंतित दिखाई दे रहा है, क्योंकि उसे अब आगामी फसल की भी तैयारी करनी है। ऐसे में परेशान किसानों के साथ साथ कई किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित कर जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया और जनपद में हुई अतिवृष्टि की सर्वे करा कर किसानों को जल्द से जल्द उनकी फसल बीमा का पैसा और मुआबजा दिलाने की मांग उठाई। हालांकि जिला अधिकारी ने किसानों को टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने की नसीहत दी और जल्दी ही कर्मचारियों की मदद से खराब फसलों का सर्वे कराकर फसल बीमा और मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया।
जनपद में पिछले करीब 15 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया, तो किसानों के खेतों में पानी भर गया और किसानों की खरीफ के सीजन में खेतोँ में बोई हुई उर्दू मूंग मक्का मूंगफली सोयाबीन के साथ साथ सब्जियों की खेती और अन्य फसलें करीब 80 प्रतिशत खराब हो चुकी हैं। अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की मेहनत, बीज, खाद, कृषि लागत एवं उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण तथा आगामी कृषि कार्यों को लेकर गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। बताया गया है कि जनपद के सैकड़ो किसानों ने बैंकों के माध्यम से अपना किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था जिसमें फसल बीमा का पैसा काट लिया गया था लेकिन बैंक और बीमा कंपनी द्वारा पिछले कई सालों से किसानों को फसल बीमा का पैसा नहीं दिया जा रहा, जो एक बड़ा घोटाला भी है। जनपद का आलम यह है कि यहां पर लाखों किसान खराब मौसम की त्रिशादी से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। किसानों की खराब हुई फसलों को लेकर भारतीय किसान यूनियन और स्वामी ब्रह्मानंद विग्रेड, भारतीय किसान संघ पहले ही ज्ञापन दे चुके हैं और मुआवजा तथा फसल बीमा दिलाने की मांग उठ चुके हैं।
बताया गया है कि सोमवार को विकासखंड बिरधा क्षेत्र के साथ-साथ सदर तहसील के आसपास के क्षेत्र के करीब दो सैकड़ा किसानों ने अलग-अलग जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और तत्काल जनपद को अतिवृष्टी घोषित करते हुए फसल बीमा और मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। हालांकि जिलाधिकारी ने किसानों की बात को संजीदगी से सुना और जल्द से जल्द उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आवाहन किया कि सभी किसान टोल फ्री नंबर पर उक्त मामले की सूचना दर्ज कराएँ। दिए गए ज्ञापन पर ज्ञान देव अच्छे लाल चली राजा काशीराम खेलन सिंह शिवप्रसाद राममिलन रामनरेश शंकर सिंह रमेश इंद्रपाल दयाराम सहित करीब एक सैकड़ा किसानों की हस्ताक्षर बने हुये है।

10 सितंबर तक टोल फ्री नंबर पर शिकायत कराएँ दर्ज :
जिलाधिकारी ने किसानों को बताया कि जनपद में हो रही लगातार वर्शा के दृश्टिगत जिन बीमित कृषकों की फसल क्षति हुई है, वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर अपनी षिकायत/सूचना अवष्य दर्ज कराएं। जनपद में सर्वे का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही ऋणी कृशकों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 सितम्बर 2026 कर दिया गया है। तय समय सीमा के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कर लाभ उठाएं।