ब्रह्म्मी लिपि पर कार्यशाला छात्रो के लिए उपयोगी होने के साथ उनके ज्ञान में भी वृद्धि करेगी : सदर विधायक
ललितपुर। उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय पुरात्तव इकाई झाँसी बुन्देलखण्ड हेरिटेज सोसाइटी एवं इंटेक ललितपुर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ़ कॉलेज में ब्रह्म्मी लिपि पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ विधायक रामरतन कुशवाहा ने दीप प्रज्वलित कर किया | उन्होंने कहा छात्रो को अपने विषय के साथ साथ अपनी विरासत के बारे में भी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए जो उनके शैक्षिक विकास में सहायक सिद्ध होगी उन्होंने जनपद ललितपुर सहित बुन्देलखण्ड की अनेक विभूतियों के बारे में विस्तार से बताया | उन्होंने कहा की ब्रह्म्मी लिपि पर कार्यशाला छात्रो के लिए उपयोगी होने के साथ उनके ज्ञान में भी वृद्धि करेगी | उन्होंने कहा कि ललितपुर और बुन्देलखण्ड की विरासतों के संरक्षण के प्रति हम सभी को जागरूक होना पड़ेगा तभी हम पुर्बजो की अमूल्य धरोहर को सहेज पायंगे | खास तोर पर युवा पीढ़ी को बड-चढ़ कर अपनी प्रतिबद्दाता जतानी होगी |
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बुन्देलखण्ड हेरिटेज सोसाइटी के अध्यक्ष और पुरात्तव बिद डॉ एस के दुबे ने कहा कि ब्राह्म्मी लिपि वर्तमान देवनागिरी लिपि की जननी है ब्राह्म्मी लिपि से ही इसका विकास हुआ | यह लिपि लगभग २५०० वर्ष तक समूचे भारत बर्ष में प्रयोग की जाती रही | कालांतर में भारत की सभी लिपियों का विकास ब्राह्म्मी लिपि से ही हुआ है | उन्होंने बताया की ललितपुर के समीप साँची और गुजर्रा में ब्राह्म्मी लिपि का प्रयोग सम्राट अशोक ने अपने शिलालेख एवं स्तंभों में किया | और प्राचीन साहित्य की रचना ब्राह्म्मी लिपि में ही हुई इसमें संस्कृत भाषा के साथ साथ प्राकृत एवं पाली भाषा का उपयोग बहुतायत में किया गया |
इंटेक ललितपुर चैप्टर के संयोजक संतोष कुमार शर्मा ने कहा हमारा जनपद ललितपुर बुन्देलखण्ड और समूचा भारत विरासतों, संस्कृति और आध्यात्म से समृद्ध है इन्ही की बदोलत भारत कभी सोने की चिड़िया हुआ करता था तथा आज भी देश को काफी राजस्व का एक बड़ा भाग विरासत एवं पर्यटन स्थलों से मिलता है आवश्यकता इस बात की है कि सभी प्रण पन से इन विरासतों को संरक्षित कर सहेजे ताकि आने वाली पीड़ियों को यह अनमोल धरोहर सोंप सकें | पुरात्तव विभाग हेरिटेज सोसाइटी तथा इंटेक इस दिशा में सजकता से कार्य कर रहे है जिसके सुपरिणाम भी प्राप्त हुए है |
क्षेत्रीय पुरात्तव अधिकारी डॉ राजीव त्रिवेदी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा छात्रों को इससे लाभ लेने को कहा साथ ही उन्होंने ललितपुर क्षेत्र के विरासत स्थलों एवं स्मारकों के विकाश की कार्य योजना के बारे में भी बताया |
इस अवसर पर प्रशिक्षण महाविदयालय के प्राचार्य डॉ महेश कुमार झा , फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनोद यादव, विधि महाविदयालय के प्राचार्य प्रकाश विश्वकर्मा असि. प्रो. रामलाल रायकवार, असि. प्रो. रामलखन सिंह यादव, असि. प्रो. प्रसन्न कुमार, असि. प्रो. हरिओम शरण सेन, असि. प्रो. नसीम खान, असि. प्रो. रमाकांत सिंह, असि. प्रो. सतीश कुमार सोनगिरकर, असि. प्रो. विशाल कनौजिया, असि. प्रो. अजबसिंह, असि. प्रो. भागचन्द्र कुशवाहा, असि. प्रो. शाहरुख़ खान, असि. प्रो. नरेन्द्र कुमार, असि. प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार गौतम, असि. प्रो. सतीश कुमार साहू, असि. प्रो. जयसिंह, असि. प्रो. करन, असि. प्रो. कल्पना बुन्देला, असि. प्रो. मनोरमा प्रजापति, असि. प्रो. वंदना सेन, असि. प्रो. वर्षा सिकौरिया, असि. प्रो. मानसी, असि. अश्विनी प्रजापति, असि. प्रो. रत्नेश श्रीवासअसि. प्रो. शाहरुख खान, असि. प्रो. वर्जिनिया इलियास, असि0प्रो0 साहिबा खान, शोभाराम अहिरवार, गोपाल यादव, जगत झा, बालकिशन, रोहित, अमन कुशवाहा, शिवम, संतोष एवं जयहिंद सहित महाविद्यालय के शिक्षक तथा विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राएं और पुरात्तव विभाग के अकरम खान , अभिषेक परिहार, रामचरण कुशवाहा, बलराम यादव , अंकित जैन सहित अन्य पुरात्तव प्रेमी उपस्थित रहे।
गुरुदीन ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के प्रबंधक डॉ सौरव यादव ने सभी उपस्थित जानो का आभार जताते हुए कहा कि विद्यालय परिवार विरासतों के संरक्षण और पर्यटन स्थलों के विकास हेतु समर्पित रूप से कार्य कर छात्रों को इनके प्रति जागरूक कर रहा है शीघ्र ही विरासतों एवं पर्यटन स्थलों के भ्रमण हेतु छात्रों और शिक्षको की विरासत यात्रायें आयोजित की जायेंगी ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी धरोहर के प्रति रुबरु हो सकें |
कार्यशाला का संचालन असि. प्रो.भजन लाल साहू ने किया | डॉ राजीव त्रिवेदी ने बताया कि कल छात्र छात्राओं की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायगा साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण प्रत्र वितरित किये जायगे |



