ललितपुर, 08 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मूल्यांकित संस्थान पहलवान गुरुदीन प्रशिक्षण महाविद्यालय, पनारी, ललितपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में आज दिनांक 08 सितम्बर 2026 को “अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस” के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में शिक्षा, साक्षरता तथा निरंतर सीखने के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधक निदेशक डॉ. सौरभ यादव, पहलवान गुरुदीन प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डॉ.) महेश कुमार झा, कृषि विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर भजनलाल साहू एवं कार्यक्रम संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर शाहरुख खान द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंधक निदेशक डॉ. सौरभ यादव ने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता का स्वरूप व्यापक हो गया है। आज शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, वैज्ञानिक सोच एवं जीवन कौशल का ज्ञान भी आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना समाज और राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है।
प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षित एवं जागरूक समाज ही देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। किसी व्यक्ति का नाम पढ़ लेना या किसी वाक्य को लिख लेना साक्षरता का पहला चरण हो सकता है, लेकिन आधुनिक दुनिया में इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी हो चुकी है। आज साक्षर व्यक्ति को जानकारी समझने, सही निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने और समाज में अपनी बात रखने के लिए भी पढ़ने-लिखने की क्षमता की जरूरत होती है।
डिजिटल युग में साक्षरता का संबंध डिजिटल जानकारी को समझने, ऑनलाइन उपलब्ध सूचनाओं का सही इस्तेमाल करने और गलत जानकारी से बचने से भी जुड़ गया है। यही कारण है कि साक्षरता को व्यक्ति के सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी से जोड़कर देखा जाता है।
कृषि विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर भजनलाल साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में साक्षरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, डिजिटल माध्यमों एवं वैज्ञानिक जानकारी का लाभ उठाने के लिए किसानों एवं ग्रामीण युवाओं का शिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है।
कार्यक्रम संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर शाहरुख खान ने कहा कि साक्षरता व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और नए अवसरों के द्वार खोलती है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं शिक्षा के महत्व को समझने तथा अपने आसपास के लोगों को भी के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अंतर्राष्ट्रीय साक्षारता दिवस के अवसर पर, असि.प्रो. उपप्राचार्य रामलाल रायकवार, असि.प्रो. सतीश सोंगिरकर, असि.प्रो. प्रस्सन कुमार विश्वकर्मा, असि.प्रो. प्रकाश विश्वकर्मा, असि.प्रो. अजब सिंह, असि.प्रो. नरेन्द्र प्रजापति, असि.प्रो. रतनेश, असि.प्रो. सतीश कुमार साहू, असि.प्रो. सीबा आफरीन, असि.प्रो. साहिबा, असि.प्रो. भागचन्द्र कुशवाहा, असि.प्रो. संदीप यादव, असि.प्रो. हरिओम शरण सेन, असि.प्रो. रमाकांत सिंह, असि.प्रो. नसीम खान, श्री. शोभाराम, श्री. विशाल यादव, श्री.बालकिशन, श्री. साकेत जैन एवं श्री. मनमोहन उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन सतीश साहु ने किया |



