सक्रीय बाढ़ क्षेत्र, नियामक क्षेत्र एवं चेतावनी क्षेत्र किए जाएंगे चिन्हित
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में जिला गंगा समिति, पर्यावरण समिति, वृक्षारोपण समिति एवं आद्रभूमि समिति की मासिक बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया l बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्य प्रकाश तथा संचालन प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी नवीन प्रकाश शाक्य द्वारा किया गया l
जिला गंगा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जल शक्ति मंत्रालय प्राप्त निर्देशों के क्रम में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे फ्लड प्लेन जोनिंग (FPZ) लागू करने के निर्देश प्राप्त हुए है, जिसमे सक्रिय बाढ़ क्षेत्र, नियामक क्षेत्र एवं चेतावनी क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से सीमांकन किया जाएगा। इन क्षेत्रों का निर्धारण नदी के बाढ़ व्यवहार, बाढ़ की आवृत्ति तथा संबंधित वैज्ञानिक/हाइड्रोलॉजिकल आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। जनपद में प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन हेतु आगामी 11 सितम्बर को जिला गंगा समिति के तत्वाधान में कृषि विभाग के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा l कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के महत्त्व, इसके लाभ तथा जल एवं पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका के संबंध में किसानों को जागरूक किया जायेगा l
जिला आद्रभूमि समिति की बैठक में निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायतों में गठित ग्राम आर्द्रभूमि समितियों द्वारा सम्बंधित ग्राम पंचायतों में स्थित आद्रभूमियों एवं तालाबों के संरक्षण हेतु कार्ययोजना को ग्राम पंचायत विकास योजना में सम्मिलित किया जाए ।
बैठक में उपायुक्त श्रम रोज़गार रमेश यादव, पंचायती राज अधिकारी कुंवर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक ओम प्रकाश, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश विश्वकर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुकेश कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) संजीव मौर्य, उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन, बुंदेलखंड सेवा संस्थान सचिव बासुदेव सिंह, परियोजना अधिकारी जिला गंगा समिति केतन दुबे, जे.आर.एफ विवेक कुशवाहा, अजय पाखरे सहित सम्बंधित अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे l



