करीब 40 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने क्लैक्ट्रेट परिसर में किया धरना प्रदर्शन

मुख्यमंत्री कुछ संबोधित कर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर तत्काल कार्यवाही की उठाई मांग
ललितपुर। साहब… हम पिछले करीब 20 वर्षों से जनपद के अस्पतालों में सफाई कर्मी के पद पर आउटसोर्सिंग कमी है और अब हमें निगम कर्मचारियों के रूप में समाहित कर लिया जाए यह मांग जनपद के अस्पतालों में काम करने वाली सफाई कर्मचारियों ने उस समय उठाई, जब मुख्यमंत्री द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निगम के कर्मचारी घोषित करने की घोषणा की। इसको लेकर जनपद के जिला चिकित्सालय और जिला मलिक महिला चिकित्सालय में काम करने वाले कर्मचारी कलेक्ट परिसर पहुंचे जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित कर जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया और जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग उठाई।
प्रदेश में लंबे समय से चली आ रही आउटसोर्स सेवा निगम के गठन की मांग को लेकर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने बुधबार को राजधानी से हरी झण्डी दी और उन्होंने लखनऊ स्थित लोकभवन से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया तथा सिंगल क्लिक के साथ आउटसोर्स सेवा निगम UPCOS पोर्टल एवं वेबसाइट तथा निगम के लोगो का अनावरण किया। इसके साथ ही खाताधारक आउटसोर्स कर्मियों के व्यापक कल्याण के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू साइन किया। सरकार के इस एतिहासिक फैसले से विभिन्न विभागों के कार्यरत 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा के साथ ही उनकी सेवा भी सुरक्षित होगी। क्योंकि पूर्व में आउटसोर्सिंग एजेन्सियों के मनमाने रवैये से इन कर्मचारियों का शोषण होता था और अनियमित वेतन तथा नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की संभावना भी होती थी, इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक विशेष कार्ययोजना के तहत आउटसोर्स सेवा निगम के गठन का एतिहासिक निर्णय लिया और अपने वादे के अनुसार प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को आज निगम की सौगात दे दी। मुख्यमंत्री की इस सौगात के बाद गुरुवार को जिला मुख्यालय पर संचालित जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के करीब 40 महिला पुरुष आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी क्लैक्ट्रेट परिसर पहुँचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जिसमें बताया गया है कि वह जनपद के जिला महिला चिकित्सालय और जिला चिकित्सालय में करीब 10 – 15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अनुभवी कर्मचारी हैं। वर्तमान समय में हुआ वह बीबीएस एजेंसी लखनऊ के माध्यम से काम कर रहे हैं, इसीलिए अब उन्हें आपकी योजना के अनुसार निगम ( UPCOS) कर्मचारी घोषित करते हुए योजना में समाहित कर लिया जाए, ताकि उन्हें भी इसका लाभ मिल सके। बताया गया है कि जनपद में पुराने कर्मचारियों को निगम में समाहित नहीं किया गया जबकि नए कर्मचारियों को इसमें समाहित कर लिया गया। उनकी मांग है कि जनपद में पिछले कई वर्षों से निरंतर कार्य कर रही समस्त सफाई कर्मचारी एवं सुपरवाइजरों को प्राइवेट एजेंसी से हटकर ( UPCOS) निगम/ एलएमएस पोर्टल पर तत्काल समायोजित किया जाए। जब तक निगम में समायोजन नहीं होता, तब तक उन्हें नौकरी से न हटाया जाए, इसका भी तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किया जाए। इस प्रार्थना पत्र के माध्यम से समस्त 40 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है इस प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि श्रम मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार जिला अधिकारी एवं प्रधानाचार्य स्वशासी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा महाविद्यालय को भेजी है दिए गए ज्ञापन पर नंदिनी काली निखिल अमन रैकवार रोहित जितेंद्र विवेक विनय कुमार सीमा राखी हेमंत सुखराम सहित 40 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के हस्ताक्षर बने हुए हैं।



