अभिषेक बुन्देला की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा

तालबेहट ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में प्रदेश के लेखपालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO)/ एंटी करप्शन एवं विजिलेंस द्वारा की जा रही गलत, अनुचित, फर्जी एवं दुर्भावनापूर्ण ढंग से ट्रैप कार्यवाही पर रोक लगाने को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की शाखा तालबेहट के तहसील अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह परमार व तहसील मंत्री सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में परगना के समस्त लेखपालों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपालों द्वारा अपने अपने विचार व्यक्त किये गए व उसके पश्चात मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी तालबेहट अभिजीत सिंह को सौपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि लेखपाल राजस्व विभाग का मेहनती, ईमानदार एवं जनता से सीधे जुड़ा हुआ अग्रिम पंक्ति का कर्मचारी है, जो बेहद कठिन परिवेश में गांव-गांव घूमकर शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ भूमि संबंधी विवादों, पैमाइश, अतिक्रमण एवं अन्य राजस्व कार्यों का दायित्व पूरी निष्ठा से निभाता है। ऐसे कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य के बावजूद लेखपाल अपने कर्तव्यों का निरंतर निर्वहन करता है। भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण हटाने अथवा किसी व्यक्ति के अवैध कार्य को नियमों के विपरीत न किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा दलाल द्वारा लेखपाल से रंजिश रखना असामान्य नहीं है। कई बार असंतुष्ट व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ अथवा दुर्भावनाग्रस्त होकर लेखपाल को झूठे मामले में फंसाने का प्रयास करते हैं।वर्तमान में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) / एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम द्वारा कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश एवं शिकायत के उद्देश्य तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण किए बिना ट्रैप कार्यवाही किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पूर्व में भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं और हाल ही में दिनांक 20 अगस्त 2026 को जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल श्री उत्कर्षदीप के साथ हुई घटना ने पूरे लेखपाल संवर्ग को अत्यंत आहत एवं आक्रोशित किया है। उक्त प्रकरण से संबंधित उपलब्ध तथ्यों, CCTV फुटेज एवं वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों के संबंध में गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या संबंधित लेखपाल द्वारा वास्तव में रिश्वत की मांग अथवा स्वीकार की गई थी अथवा उसे षड्यंत्रपूर्वक फंसाने का प्रयास किया गया। ऐसी घटनाओं से प्रदेश के लेखपालों में भय, मानसिक प्रताड़ना एवं असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है और ऐसे शोषणकारी एवं अत्याचारी माहौल में कर्मचारियों के लिए भयमुक्त होकर निष्पक्ष एवं ईमानदारी से कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ भ्रष्टाचार के किसी भी रूप का समर्थन नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने अथवा लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही होनी चाहिए, किंतु किसी निर्दोष कर्मचारी को निजी रंजिश, षड्यंत्र, झूठी शिकायत अथवा जबरन ट्रैप के माध्यम से फंसाया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इसी गंभीर विषय के विरोध में एवं निर्दोष लेखपाल श्री उत्कर्षदीप को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों, 351 तहसीलों में थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए समस्त लेखपालों द्वारा एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया गया । अतः उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ माननीय मुख्यमंत्री महोदय से निम्नलिखित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक एवं न्यायोचित विचार किए जाने का अनुरोध करता है जिसके क्रम में जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल श्री उत्कर्षदीप के विरुद्ध हुई कार्यवाही की पुलिस विभाग से स्वतंत्र किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी /SIT से तत्काल जांच कराई जाए। प्रकरण से संबंधित समस्त CCTV फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, शिकायत एवं प्री-ट्रैप प्रक्रिया सहित प्रत्येक तथ्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए तथा यदि लेखपाल को षड्यंत्रपूर्वक फंसाया जाना पाया जाता है तो उन्हें तत्काल न्यायोचित राहत प्रदान की जाए। भविष्य में किसी भी लेखपाल के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई से पूर्व शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, उसकी रंजिश, निजी स्वार्थ एवं शिकायत के उद्देश्य की विस्तृत जांच अनिवार्य की जाए तथा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित कार्य वास्तव में लेखपाल के अधिकार क्षेत्र में है अथवा नहीं। केवल शिकायतकर्ता के मौखिक कथन अथवा सामान्य शिकायत के आधार पर ट्रैप की कार्यवाही न की जाए। यदि शिकायतकर्ता द्वारा किसी अवैध अथवा नियमविरुद्ध कार्य को कराने के लिए लेखपाल पर दबाव बनाया गया हो, तो उसकी भी जांच की जाए। जबरन जेब, वाहन अथवा कक्ष में धनराशि रख दिए जाने अथवा किसी दलाल / मध्यस्थ के माध्यम से कर्मचारी को फंसाए जाने जैसी परिस्थितियों में बिना ठोस एवं प्रत्यक्ष साक्ष्य के गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। यदि जांच में शिकायतकर्ता, दलाल अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा झूठी शिकायत, षड्यंत्र अथवा कर्मचारी को फंसाने का प्रयास प्रमाणित हो अथवा ACO/विजिलेंस अधिकारियों की भूमिका नियमविरुद्ध एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाए, तो संबंधित व्यक्तियों/अधिकारियों के विरुद्ध FIR, निलंबन एवं अन्य दंडात्मक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) एवं विजिलेंस विभाग को ट्रैप कार्यवाही के संबंध में स्पष्ट, पारदर्शी एवं जवाबदेह दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे प्रत्येक ट्रैप कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया एवं निष्पक्ष मानकों के अनुरूप हो तथा किसी भी निर्दोष कर्मचारी को दुर्भावनापूर्ण अथवा फर्जी ट्रैप कार्यवाही का शिकार न होना पड़े। ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर प्रदेश का लेखपाल संवर्ग बेहद कठिन परिस्थितियों में शासन एवं जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। यदि ईमानदारी एवं निष्ठा से कार्य करने वाले कर्मचारियों के मन में झूठे ट्रैप एवं दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही का भय बना रहेगा तो उनके लिए भयमुक्त होकर निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से कार्य करना संभव नहीं रह जाएगा। अतः संगठन को पूर्ण विश्वास है कि आपके सक्षम एवं संवेदनशील नेतृत्व में अयोध्या (सोहावल) प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर निर्दोष कर्मचारी को न्याय प्रदान किया जाएगा तथा दोषी भ्रष्टाचार निवारण टीम पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश के लेखपालों के लिए शोषणकारी एवं अत्याचारी वातावरण के स्थान पर भयमुक्त, सम्मानजनक, सुरक्षित एवं निष्पक्ष कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए जाएंगे।धरना प्रदर्शन के दौरान व ज्ञापन पर लेखपाल अविनाश कुमार,अनिल अहिरवार,ऋषि गुप्ता,नितेन्द्र कुमार,अनूप कुमार गुप्ता,आलेक कुमार,अनिल कुमार यादव,दिलीप श्रीवास्तव,चंद्रपाल सिंह,राहुल राजन,दीपेश कुमार सिंह,रमेश प्रसाद,अजय पाल,नीरज साहू,परत सिंह,विवेक गोस्वामी,अंजली श्रीवास्तव मौजूद रहे।



