Wednesday, September 9, 2026
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ललितपुर में डीएम ने केन्द्र व राज्य सरकार की मत्स्य पालन योजनाओं की समीक्षा कर आधुनिक तकनीकों से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने पर दिया बल

निष्पक्ष प्रक्रिया से लाभार्थियों का चयन कर उन्हें बेहतर बीज, उन्नत चारे व सब्सिडी उपलब्ध कराने के दिये निर्देश


योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डीएम

ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में मत्स्य पालन क्षेत्र के प्रगति पथ को और गति देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना एवं मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक में उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन, मत्स्य पालकों को आर्थिक सशक्तिकरण और बुनियादी ढाँचे के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर मछुआरे तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, इसलिए बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत स्वीकृत सभी प्रोजेक्ट्स (जैसे नए तालाबों का निर्माण, हैचरी स्थापना, या इनपुट सब्सिडी) को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से निष्पक्ष और विभागीय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तय नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। सरकार द्वारा मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से बिना किसी देरी के भेजी जाए। सरकारी और निजी हैचरियों के माध्यम से मत्स्य पालकों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत मछली के बीज समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि ग्रामीण स्तर पर कैंप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि मछुआरों को मछली के बेहतर चारे, बीमारियों से बचाव और आधुनिक प्रबंधन की जानकारी मिल सके। पारंपरिक मत्स्य पालन के स्थान पर आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए मत्स्य पालकों को प्रेरित किया जाए। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत ऑनलाइन पोर्टल पर कुल प्राप्त 29 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिसमें 15 पात्र आवेदन एवं अपात्र आवेदन 14 के सम्बन्ध में माननीय समिति के सदस्यों को अवगत कराया गया है, कि विभिन्न योजनान्तर्गत प्राप्त आवेदनों पत्रों को अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराया गया है, साथ ही पोर्टल पर प्राप्त पात्र आवेदन पत्रों एवं अपात्र आवेदन पत्रों को बैठक में पात्र/अपात्र किए जाने हेतु परियोजनावार विवरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जिसको समिति के सदस्यों द्वारा सहमति प्रदान करते हुए बैठक की कार्यवाही को आगे बढ़ाये जाने का निर्देश प्रदान किया गया है।
इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 में नवीन योजना ‘‘मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’’ संचालित की गई है। इस योजना के अन्तर्गत ग्राम सभा में स्थित ऐसे तालाबो का चयन किया जाना है जिनका सुधार ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मनरेगा कन्वर्जेन्स या अन्य विभाग अथवा मत्स्य कृषक द्वारा स्वयं के संसाधनो से सुधारे गये ग्राम समाज के तालाबों में मत्स्य उत्पादकता को 50 कुन्तल प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। ग्राम सभा तालाबो के पट्टेधारको व मछुआरो की आय में वृद्धि व उनका सामाजिक उत्थान किया जाना सरकार की प्राथमिकताओं में सम्मलित है। वर्तमान में प्रचलित प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में ग्राम सभा के पट्टे पर आवंटित तालाबों पर कोई परियोजना अनुमन्य नहीं है। इसी रिक्तता को भरने के उददेश्य से मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना संचालित की गयी है। जनपद वासियों के लिए मत्स्य पालन, पुष्टाहार रोजगार एवं आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। मत्स्य आहार प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है। इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में बढोत्तरी होगी, मछुआरों एवं मत्स्य पालको की आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा, स्वारोजगार के अवसर सृजित होंगे एवं कुपोषण को दूर करने में भी सहायता प्राप्त होगी।
उक्त योजना के अन्तर्गत दो उपयोजनओ का कियान्वयन किया गया है। 1- मनरेगा कनवर्जन्स अथवा पट्टे धारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों पर प्रथम वर्ष निवेश पर अनुदान हेतु इकाई लागत धनराशि रू0 4.00 लाख प्रति हे० पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा, 2- मनरेगा कनवर्जेन्स अथवा पट्टे धारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों पर मत्स्य बीज बैंक की स्थापना पर अनुदान हेतु इकाई लागत धनराशि रू0 4.00 लाख प्रति हे० पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत दिनांक 08.06.26 से 28.06.26 तक व 16.07.26 से 10.08.26 तक तक जन सामान्य हेतु खुले विभागीय पोर्टल पर ऑनलाईन 16 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमे से 12 आवेदनो को योजना का लाभ दिये जाने की संस्तुति अभिलेखों के आधार से की गई है जब कि शेष 04 आवेदनो को योजना में चयन न किये जाने की संस्तुति प्रस्तुत की गई है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, उप कृषि निदेशक अख्तर हुसैन, जिला कृषि अधिकारी रंजीत कुमार, लीड बैंक मैनेजर, सहायक निदेशक मत्स्य सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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