अधिकारियों ने तत्काल पांच की आर्थिक मदद देकर अस्पताल के एस्टीमेट के आधार पर फंड रिलीज करने का दिया आश्वासन

करीब दो माह पूर्व कृषि कार्य करते अचानक अचेत होकर गिरा ग्रामीण आज तक नहीं उठा
ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में तहसील महरौनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिमरिया में गांव का एक युवा किसान अपने खेत पर काम करते समय अचानक चक्कर खाकर खेत में गिर पड़ा और उसके बाद वह नहीं उठा हालांकि उसके प्रजनन और उसका इलाज कई जगह कराया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं आया। इलाज करती करते जब परिजनों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई तब पत्नी अपने पति को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहां उसने आर्थिक मदद दिलाई जाने की गुहार लगाई। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अस्पताल तक लेजाने हेतु तत्काल करीब पांच हजार नगद देकर राहत प्रदान की और अस्पताल द्वारा बनाये गये एस्टीमेट को तत्काल स्वीकृत कराकर इलाज करने का आश्वासन दिया।
ग्राम सिमिरिया निवासी सविता पत्नी शोभाराम अपने परिजनों के साथ अपने पति को गंभीर हालत में लेकर सोमवार को जिला अधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां उसने अपने बीमार पति का इलाज करवाने हेतु आर्थिक मदद की गुहार लगाई। इस दौरान उसने जिला अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र भी दिया, जिसमें अवगत कराया गया है कि दिनांक- 26 जून 2026 को उसका पति शोभाराम अपने खेत पर कार्य करते समय अचानक से जमीन पर मूर्छित होकर घर पड़े थे, जिससे उनका शरीर अचेत अवस्था में पहुंच गया। इसके बाद उसने अपने पति का इलाज अपने परिजनों की मदद से झांसी ग्वालियर जयपुर के साथ-साथ अन्य स्थानों पर कराया लेकिन उसे कोई आराम नहीं हुआ, डॉक्टर के अनुसार उसे बाहर ले जाना है। क्योंकि इलाज करने में उसके घर का सारा पैसा खर्च हो गया और अभी इलाज करने के लिए उसके पास पैसा नहीं है। इतना हि नहीं इलाज हेतु अपनी जमीन व मवेशियों के लिये बेचना पडा तथा काफी कर्ज भी लेना पड़ा, जिस कारण प्रार्थनी व परिवार वालो की आर्थिक स्थिति बिल्कूल ठीक नही है एवं घर पर खाने पीने के लाले पड़े हुये है। वह अपने पति को दिल्ली के एक अच्छे हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाना चाहती है जिसके लिए उसकी आर्थिक मदद की जाए, क्योंकि उसके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। प्रार्थना पत्र पर गौर करते हुए अधिकारियों ने तत्काल मामला संज्ञान में लिया और कलेक्ट्रेट परिसर में पड़े हुए बीमार मरीज को देखने के लिए स्वयं अधिकारी पहुंचे जहां उन्होंने अपनी जेब से उसकी आर्थिक मदद हेतु नगद धनराशि प्रदान क़र इस तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए कहा और अस्पताल से प्राप्त एस्टीमेट के आधार पर इलाज की धनराशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।



