Wednesday, September 9, 2026
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ललितपुर से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान की शुरुआत, प्राकृतिक खेती और गोबर आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

ललितपुर। प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों के क्रम में ललितपुर ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। वर्ष 2018 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहली गौशाला की शुरुआत ललितपुर से हुई थी, वहीं अब गौशालाओं को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ एक नई पहल का शुभारंभ भी ललितपुर से किया गया है।

बांसी क्षेत्र के ग्राम भौरसिल स्थित लखनपुरा वृहद गौ संरक्षण केंद्र में गौ संरक्षण सेवा समिति, ललितपुर के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय भव्य गौ कथा का शुक्रवार को समापन हुआ। 20 से 22 अगस्त तक आयोजित कार्यक्रम में कथा व्यास मुकेश आनंद महाराज ने गौ कथा का रसपान कराया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ गोबर से कोयला निर्माण संयंत्र की स्थापना तथा गोबर से दीपक, गमले एवं लट्ठे निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही गो-आधारित प्राकृतिक खेती, बायोगैस, पंचगव्य उत्पाद और वर्षभर हरा चारा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशिक्षण एवं कार्ययोजना शुरू की गई।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, भाजपा जिलाध्यक्ष पं. हरिश्चंद्र रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कैलाश नारायण निरंजन, सदर विधायक राम रतन कुशवाहा, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक संजीव बाजपेई, मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. भगवान सिंह,जिला महामंत्री श्री हरिराम राजपूत,गौरव गौतम श्रीमती रजनी अहिरवार, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती रुचिका सिंह बुंदेला जिला महामंत्री भारतीय जनता युवा देवेंद्र सिंह राजपूत बरौदिया आशीष हुण्डैत सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गौ संरक्षण को केवल सेवा तक सीमित न रखते हुए गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार कर गौशालाओं के लिए आय के स्थायी स्रोत विकसित किए जाएंगे। साथ ही किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती से जोड़कर उनकी लागत कम करने और आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और महिलाओं को बायोगैस संयंत्र, प्राकृतिक खेती, पंचगव्य उत्पाद एवं गोबर आधारित उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि ललितपुर से शुरू हुई गौ संरक्षण की पहल को अब गौशालाओं की पूर्ण आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में प्रदेशभर तक पहुंचाया जाएगा। गौ संरक्षण, प्राकृतिक खेती और गो-आधारित अर्थव्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़कर प्रदेश में एक प्रभावी एवं टिकाऊ मॉडल विकसित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र पाठक ने किया। कार्यक्रम के भव्य आयोजन में जय सिंह पटेल सहित गौ संरक्षण सेवा समिति, ललितपुर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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